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बच्चों को संस्कारी बनाना है तो

एक विद्यार्थी का अनुभव : जिसमें उसने गुरुकुल के लाभ व विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर से होने वाले लाभ के बारे में बताया है।


मैं पहले संत श्री आशारामजी पब्लिक स्कूल,राजकोट में पढ़ता था। आगे की पढ़ाई के लिए मैंने कॉलेज में एडमिशन लिया तो वहाँ कुछ समय बाद मुझे महसूस हुआ कि मेरा ध्यान-भजन कम होने लगा है । अतः मैं अहमदाबाद आश्रम में दीपावली विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर में आया। 

यहाँ की हर एक्टिविटी हृदय को छूनेवाली और बच्चों को शीघ्रता से उन्नत करनेवाली थी। यहाँ आश्रम के समर्पित साधक बच्चों का बहुत ध्यान रखते हैं। ७ दिन कैसे पूरे हो गये मुझे पता ही न चला।बच्चों के प्रति इतना प्रेमभाव देख के मुझे यहाँ अपने घर जैसा अपनापन महसूस हुआ।

जिनके बच्चे शिविर में नहीं आते हैं उनसे कहना चाहूंगा कि फेसबुक,वॉट्सएप के युग में आप बच्चों को पढ़ा-लिखा सकते हैं लेकिन भारतीय संस्कृति के दिव्य संस्कार घर बैठे दे पाओगे ? नहीं। और अगर बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं मिले तो ऐसे दिशाहीन बच्चे अपना तो जीवन तबाह करते ही हैं, माँ-बाप और समाज के लिए भी मुसीबत बन जाते हैं।

यदि आप अपने बच्चों को सुशील,संस्कारी बनाना चाहते हैं तो उन्हें शिविर में लाइये और पूज्य बापूजी के गुरुकुलों में ही पढ़ाइये।

        -अंकित पादरिया
📲9574317576

📚लोक कल्याण सेतु/अगस्त २०१८
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